सितंबर में म्युचुअल फंड कंपनियों के एसेट बेस में गिरावट, 12.5 फीसद घटकर 22.06 लाख करोड़ पहुंचा

म्युचुअल फंड कंपनियों के एसेट बेस में सितंबर में गिरावट देखने को मिली है। सितंबर में यह 12.5 फीसद की गिरावट के साथ 22 लाख करोड़ रुपये रह गया। इस गिरावट की बड़ी वजह लिक्विड फंड और आय योजनाओं में भारी मात्रा में निकासी होना माना जा रहा है। इस गिरावट के बावजूद इक्विटी और इससे जुड़ी बचत योजनाओं में पूंजी प्रवाह में बढ़ोतरी देखी गई।

mutual fundएसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के मुताबिक, इस क्षेत्र की सक्रिय 41 कंपनियों का एसेट बेस सितंबर माह के अंत तक घटकर 22.06 लाख करोड़ करोड़ रुपये पर आ गया। इससे पहले महीने यानी अगस्त में यह 25.20 लाख करोड़ रुपये था। इस गिरावट की मुख्य वजह म्युचुअल फंड योजनाओं से 2.3 लाख करोड़ रुपये की निकासी होना है। इनमें से 2.11 लाख करोड़ रुपये लिक्विड फंड और 32504 करोड़ रुपये निश्चित आय देने वाले डेट म्युचुअल फंड से निकाले गए। इनके अलावा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेड फंड से भी 33 करोड़ रुपये निकाले गए।

इक्विटी और इससे जुड़ी बचत जमा योजनाओं में 11,250 करोड़ का निवेश

ऐसा नहीं है कि म्युचुअल फंड के हर क्षेत्र में गिरावट देखी गई। सितंबर में इक्विटी और इक्विटी से जुड़ी बचत जमा योजनाओं में 11,250 करोड़ रुपये का निवेश आया। इसके अलावा बैलेंस्ड फंड योजनाओं में भी 731 करोड़ रुपये का निवेश देखा गया। AMFI के चीफ एग्जीक्यूटिव एनएस वेंकटेस ने बताया कि सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान्स (SIP) में सितंबर में भी बढ़ोत्तरी देखी गई और इसके जरिए म्यूचुअल फंड्स में 7,727 करोड़ रुपये का फंड आया।

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